उत्तर प्रदेश में आयोजित UP TET परीक्षा के बीच एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। परीक्षा ड्यूटी पर जा रहे एक हेड कांस्टेबल की सड़क दुर्घटना में दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना से पुलिस विभाग के साथ-साथ पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। वहीं, परीक्षा के पहले दिन प्रदेशभर में सुरक्षा व्यवस्था के बीच 15 मुन्ना भाई (फर्जी अभ्यर्थी) भी पकड़े गए, जिससे परीक्षा में नकल कराने वाले गिरोहों पर पुलिस की कड़ी कार्रवाई देखने को मिली।
जानकारी के अनुसार, हेड कांस्टेबल अपनी निर्धारित परीक्षा ड्यूटी के लिए जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में उनका वाहन एक हादसे का शिकार हो गया। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि उन्हें गंभीर चोटें आईं। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस दुखद घटना की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में शोक की लहर फैल गई।
हेड कांस्टेबल अपने कर्तव्य के प्रति समर्पित अधिकारी माने जाते थे। परीक्षा जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाने के लिए वे समय पर ड्यूटी के लिए रवाना हुए थे, लेकिन दुर्भाग्यवश रास्ते में हुए हादसे ने उनकी जिंदगी छीन ली। पुलिस विभाग ने दिवंगत हेड कांस्टेबल को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है।
दूसरी ओर, UP TET परीक्षा के पहले दिन सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त रही। परीक्षा केंद्रों पर पुलिस और प्रशासन की संयुक्त निगरानी के चलते कई संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी गई। इसी दौरान प्रदेश के अलग-अलग जिलों से 15 फर्जी अभ्यर्थियों, जिन्हें आम बोलचाल में “मुन्ना भाई” कहा जाता है, को गिरफ्तार किया गया। ये आरोपी दूसरे अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने या फर्जी दस्तावेजों के जरिए परीक्षा में शामिल होने की कोशिश कर रहे थे।
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों, बायोमेट्रिक सत्यापन और पहचान पत्रों की गहन जांच की व्यवस्था की गई थी।
शिक्षा विभाग और प्रशासन ने भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं में भी इसी तरह की सख्त निगरानी जारी रहेगी, ताकि योग्य अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा की जा सके और नकल माफियाओं पर प्रभावी कार्रवाई हो।
यह घटना एक ओर जहां ड्यूटी पर जा रहे पुलिसकर्मी के बलिदान की याद दिलाती है, वहीं दूसरी ओर यह भी दर्शाती है कि परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी गंभीरता से कार्य कर रहा है। एक तरफ पुलिस विभाग ने अपना समर्पित कर्मचारी खो दिया, तो दूसरी ओर नकल कराने वाले गिरोहों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई कर यह संदेश भी दिया गया कि कानून से बच पाना आसान नहीं है।
फिलहाल पुलिस सड़क हादसे के कारणों की जांच कर रही है। वहीं, पकड़े गए फर्जी अभ्यर्थियों से पूछताछ के आधार पर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि उनके पीछे कोई संगठित नकल गिरोह सक्रिय था या नहीं। मामले में आगे की जांच जारी है।