Sitapur: लखनऊ में हाल ही में हुए भीषण अग्निकांड के बाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इसी क्रम में सीतापुर में भी बड़े स्तर पर फायर सेफ्टी और भवन सुरक्षा को लेकर विशेष जांच अभियान चलाया गया। इस अभियान के दौरान कई रेस्टोरेंट, कोचिंग संस्थानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच की गई। जिन संस्थानों में अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं मिले या नियमों का पालन नहीं किया गया था, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए कुछ प्रतिष्ठानों को अस्थायी रूप से बंद करा दिया गया।
जिला प्रशासन, फायर विभाग और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीम ने शहर के विभिन्न इलाकों में पहुंचकर फायर सेफ्टी उपकरण, आपातकालीन निकास (Emergency Exit), अग्निशमन यंत्र (Fire Extinguisher), विद्युत वायरिंग और भवन की सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई स्थानों पर गंभीर लापरवाही सामने आई।
अधिकारियों ने बताया कि कुछ रेस्टोरेंट और कोचिंग सेंटर बिना आवश्यक फायर एनओसी (No Objection Certificate) के संचालित हो रहे थे, जबकि कई जगहों पर फायर एक्सटिंग्विशर या तो मौजूद नहीं थे या उनकी वैधता समाप्त हो चुकी थी। कई भवनों में इमरजेंसी एग्जिट भी नहीं मिला, जिससे किसी भी आपात स्थिति में लोगों की जान जोखिम में पड़ सकती थी।
निरीक्षण टीम ने ऐसे संस्थानों के संचालकों को तत्काल कमियां दूर करने के निर्देश दिए। वहीं गंभीर अनियमितता पाए जाने पर कुछ प्रतिष्ठानों का संचालन फिलहाल रोक दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक सभी सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाएगा, तब तक संबंधित संस्थानों को दोबारा संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि यह अभियान केवल औपचारिकता नहीं बल्कि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चलाया जा रहा है। विशेष रूप से उन स्थानों पर जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र, ग्राहक और आम नागरिक आते हैं, वहां अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य है।
अधिकारियों ने सभी कोचिंग सेंटर, होटल, रेस्टोरेंट, अस्पताल, स्कूल, मॉल और अन्य व्यावसायिक संस्थानों से अपील की है कि वे अपने परिसर में फायर सेफ्टी से जुड़े सभी नियमों का पालन करें। समय-समय पर फायर उपकरणों की जांच कराएं, कर्मचारियों को आपातकालीन स्थिति से निपटने का प्रशिक्षण दें और भवन में सुरक्षित निकास की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
जांच अभियान के दौरान कई प्रतिष्ठानों में सुधार के निर्देश जारी किए गए हैं, जबकि कुछ स्थानों पर नोटिस भी जारी किए गए हैं। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में यह अभियान और तेज किया जाएगा तथा नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
लखनऊ की घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि अग्नि सुरक्षा में छोटी-सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। ऐसे में प्रशासन की यह कार्रवाई आम लोगों की सुरक्षा के दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जिला प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि यदि किसी सार्वजनिक स्थान पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी दिखाई दे तो उसकी सूचना संबंधित विभाग को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके और किसी संभावित दुर्घटना को रोका जा सके।