सीतापुर। जिले में अवैध प्लाटिंग और भू-माफियाओं के खिलाफ प्रशासन ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। शहर के प्रमुख क्षेत्र में लगभग 56 करोड़ रुपये मूल्य की अवैध प्लाटिंग पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन बुलडोजरों की मदद से अवैध निर्माण और विकसित की गई कॉलोनी को ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार संबंधित भूमि पर बिना किसी वैध अनुमति के प्लॉट काटकर बेचे जा रहे थे। जांच में पाया गया कि कॉलोनी विकास के लिए आवश्यक नक्शा स्वीकृत नहीं कराया गया था और न ही संबंधित विभागों से अनुमति ली गई थी। इसके बावजूद भूमि पर सड़कें, प्लॉटों की सीमाएं और अन्य निर्माण कार्य किए जा रहे थे, जिससे सरकारी नियमों का खुला उल्लंघन हो रहा था।
कार्रवाई के दौरान राजस्व विभाग, विकास प्राधिकरण और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम मौके पर मौजूद रही। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल भी तैनात किया गया था। अधिकारियों ने पहले संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर अवैध निर्माण हटाने के निर्देश दिए थे, लेकिन निर्धारित समय सीमा के भीतर कोई कार्रवाई न होने पर प्रशासन ने बुलडोजर चलाने का फैसला लिया।
बताया जा रहा है कि जिस भूमि पर अवैध प्लाटिंग की गई थी, उसकी बाजार कीमत करीब 56 करोड़ रुपये आंकी गई है। प्रशासन का कहना है कि अवैध रूप से विकसित की जा रही कॉलोनियों के कारण न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचता है, बल्कि भविष्य में प्लॉट खरीदने वाले लोगों को भी कानूनी और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिले में अवैध कब्जों, अवैध प्लाटिंग और नियमों के विपरीत किए जा रहे निर्माण कार्यों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी भूमि या प्लॉट की खरीदारी से पहले उसके दस्तावेजों और वैध अनुमतियों की पूरी तरह जांच कर लें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध प्लाटिंग करने वालों में डर का माहौल बना है। लंबे समय से क्षेत्र में बिना अनुमति कॉलोनियां विकसित किए जाने की शिकायतें मिल रही थीं। ऐसे में प्रशासन की यह कार्रवाई एक बड़ा संदेश मानी जा रही है कि नियमों को ताक पर रखकर किए जाने वाले निर्माण कार्यों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
फिलहाल प्रशासन ने मामले की आगे की जांच भी शुरू कर दी है। संबंधित लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है और जरूरत पड़ने पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। अधिकारियों का कहना है कि जिले में कानून व्यवस्था और भूमि संबंधी नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा तथा अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों पर लगातार नजर रखी जाएगी।
सीतापुर में 56 करोड़ रुपये की अवैध प्लाटिंग पर चली यह बड़ी बुलडोजर कार्रवाई प्रशासन के सख्त रुख का संकेत है, जिससे भू-माफियाओं और अवैध कॉलोनी विकसित करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है।