Physical Address
304 North Cardinal St.
Dorchester Center, MA 02124
Physical Address
304 North Cardinal St.
Dorchester Center, MA 02124

हिंदी और मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की खबर ने देशभर के सिनेमा प्रेमियों को गहरे सदमे में डाल दिया है। 75 वर्ष की उम्र में नाना पाटेकर ने 8 अक्टूबर 2026 की सुबह गोवा में अंतिम सांस ली। रिपोर्ट्स के अनुसार उन्हें गंभीर कार्डियक अरेस्ट आया था। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने करीब 45 मिनट तक CPR देकर उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। NDTVजिस कलाकार की आवाज़, संवाद अदायगी और अभिनय की तीव्रता ने दशकों तक दर्शकों के दिलों पर राज किया, उनके अचानक चले जाने से बॉलीवुड और मराठी फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है।
जानकारी के मुताबिक नाना पाटेकर गोवा के डोना पाउला स्थित अपने घर पर थे। गुरुवार की तड़के उनकी तबीयत अचानक बिगड़ी। रिपोर्ट्स के अनुसार उन्होंने रात करीब 2:30 बजे एक दोस्त को संदेश भेजकर बताया था कि उनकी तबीयत ठीक नहीं लग रही है। बाद में जब दोस्त उनके घर पहुंचा तो नाना पाटेकर की हालत बेहद गंभीर थी। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें बचाने के लिए लगभग 45 मिनट तक CPR किया। India Todayइसके बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ और सुबह करीब 5:20 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। उनके बेटे मल्हार पाटेकर ने भी निधन की पुष्टि की है।
नाना पाटेकर के निधन से जुड़ी सबसे भावुक जानकारी यह सामने आई है कि अस्पताल में मेडिकल टीम ने करीब 45 मिनट तक लगातार CPR किया। डॉक्टरों की पूरी कोशिश के बावजूद उन्हें पुनर्जीवित नहीं किया जा सका। अस्पताल से सामने आई जानकारी के मुताबिक उनकी मृत्यु कार्डियक अरेस्ट के बाद हुई। NDTVउनके निधन की परिस्थितियों को लेकर मेडिकल और कानूनी प्रक्रिया भी शुरू की गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार मेडिको-लीगल केस दर्ज किया गया और पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया की जा रही थी।
नाना पाटेकर सिर्फ एक अभिनेता नहीं थे, बल्कि भारतीय सिनेमा के उन कलाकारों में शामिल थे जिन्होंने अभिनय को अपनी अलग पहचान दी।उनका असली नाम विश्वनाथ पाटेकर था। महाराष्ट्र में जन्मे नाना पाटेकर ने थिएटर से अपने अभिनय सफर की शुरुआत की और धीरे-धीरे हिंदी तथा मराठी फिल्मों में अपनी मजबूत पहचान बनाई।उनकी सबसे बड़ी खासियत थी उनका नेचुरल और इंटेंस अभिनय। वह बड़े-बड़े संवाद बोलने के बजाय अपनी आंखों, आवाज़ और चेहरे के भावों से भी किरदार में जान डाल देते थे।
नाना पाटेकर के करियर की बात हो और ‘क्रांतिवीर’ का जिक्र न हो, ऐसा संभव नहीं है।फिल्म में उनके दमदार अभिनय और संवादों ने उन्हें दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय बनाया। उनके अभिनय में गुस्सा, दर्द, संघर्ष और भावनाओं का ऐसा मिश्रण दिखाई देता था जो दर्शकों को सीधे कहानी से जोड़ देता था।उनके कई किरदारों ने यह साबित किया कि एक अभिनेता को लोकप्रिय होने के लिए केवल ग्लैमर की जरूरत नहीं होती। मजबूत कहानी और सशक्त अभिनय भी दर्शकों के दिल में हमेशा के लिए जगह बना सकते हैं।
नाना पाटेकर ने अपने करियर में कई ऐसी फिल्मों में काम किया जिन्हें भारतीय सिनेमा की महत्वपूर्ण फिल्मों में गिना जाता है।‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘नटसम्राट’, ‘प्रहार’, ‘खामोशी’ और ‘तिरंगा’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय ने दर्शकों को अलग-अलग रंग देखने को मिले।वहीं ‘सलाम बॉम्बे!’ जैसी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित फिल्म ने भी उनके अभिनय को व्यापक पहचान दिलाई। नाना पाटेकर का फिल्मी सफर करीब पांच दशक तक फैला रहा। नाना पाटेकर उन चुनिंदा भारतीय कलाकारों में थे जिन्हें अभिनय के लिए तीन National Film Awards मिले।भारतीय सिनेमा में उनके योगदान के लिए उन्हें पद्म श्री से भी सम्मानित किया गया था। AP Newsउनका अभिनय मुख्यधारा की फिल्मों तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने गंभीर, सामाजिक और प्रयोगात्मक सिनेमा में भी अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई।
नाना पाटेकर का जाना भारतीय सिनेमा के लिए एक बड़ी क्षति है।उन्होंने फिल्मों में केवल मनोरंजन नहीं किया, बल्कि ऐसे किरदार भी निभाए जिन्होंने समाज, राजनीति, संघर्ष, गरीबी, इंसानी भावनाओं और व्यवस्था जैसे मुद्दों को दर्शकों के सामने रखा।उनकी फिल्मों को आने वाली पीढ़ियां भी देखेंगी और उनके अभिनय से सीखेंगी।एक कलाकार की सबसे बड़ी उपलब्धि यही होती है कि उसके जाने के बाद भी उसका काम लोगों के बीच जिंदा रहे।नाना पाटेकर आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन ‘क्रांतिवीर’ से लेकर ‘नटसम्राट’ तक उनके किरदार, उनकी आवाज़ और उनका अभिनय हमेशा भारतीय सिनेमा की यादों में जीवित रहेगा।विनम्र श्रद्धांजलि 🙏नाना पाटेकर (1951–2026)
एक बेहतरीन अभिनेता, एक दमदार आवाज़ और भारतीय सिनेमा का एक ऐसा अध्याय, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकेगा।आपका अभिनय हमेशा याद रहेगा। 🕯️