Sitapur में लौट आया बाघ का आतंक, किसान का खेत में मिला श*व, परिजनों का आरोप बाघ ने बनाया शिकार !

Sitapur में लौट आया बाघ का आतंक, किसान का खेत में मिला शव, परिजनों का आरोप- बाघ ने बनाया शिकार

सीतापुर। जनपद में एक बार फिर बाघ की दहशत लौटती हुई दिखाई दे रही है। ताजा घटना ने ग्रामीणों के बीच भय का माहौल पैदा कर दिया है। खेत पर गए एक किसान का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने के बाद परिजनों ने आरोप लगाया है कि किसान पर बाघ ने हमला किया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों की भारी भीड़ मौके पर जमा हो गई, वहीं वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीम भी जांच के लिए पहुंच गई।

जानकारी के अनुसार किसान सुबह अपने खेत की ओर गया था, लेकिन काफी देर तक घर वापस नहीं लौटा। परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की तो खेत के पास उसका शव पड़ा मिला। शव पर मिले गंभीर घावों को देखकर परिजनों और ग्रामीणों ने आशंका जताई कि किसान पर बाघ ने हमला किया है। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है और लोग अकेले खेतों में जाने से डर रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में बाघ की गतिविधियों की चर्चा हो रही थी। कई ग्रामीणों ने खेतों और जंगल के आसपास बड़े जंगली जानवर के पैरों के निशान देखने का दावा भी किया था। हालांकि उस समय किसी बड़े हादसे की पुष्टि नहीं हुई थी, लेकिन अब किसान की मौत के बाद ग्रामीणों का डर और बढ़ गया है।

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए और आसपास बाघ के पैरों के निशानों की भी तलाश की। फिलहाल विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वन्यजीव विशेषज्ञों की जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि की जा सकेगी।

परिजनों का आरोप है कि यदि क्षेत्र में पहले से बाघ की मौजूदगी की जानकारी थी तो वन विभाग को समय रहते सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम करने चाहिए थे। उनका कहना है कि ग्रामीण लगातार बाघ की गतिविधियों की सूचना दे रहे थे, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। परिजनों ने मृतक के लिए उचित मुआवजे और परिवार के एक सदस्य को सरकारी सहायता देने की मांग भी की है।

घटना के बाद प्रशासन ने ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे सुबह और शाम के समय अकेले खेतों या जंगल के किनारे न जाएं। यदि कहीं बाघ दिखाई दे या उसके होने की आशंका हो तो तुरंत वन विभाग या पुलिस को सूचना दें और किसी भी स्थिति में स्वयं उसे पकड़ने या भगाने का प्रयास न करें।

फिलहाल पूरे क्षेत्र में भय का माहौल है और ग्रामीण वन विभाग से जल्द से जल्द बाघ को पकड़ने की मांग कर रहे हैं। सभी की नजर अब जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि किसान की मौत वास्तव में बाघ के हमले से हुई या इसके पीछे कोई अन्य कारण है।

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