सीतापुर जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में अनियमितताओं और राशन घोटाले के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। इसके साथ ही संबंधित उचित दर विक्रेता का कोटा भी निरस्त कर दिया गया है तथा मामले में एफआईआर दर्ज कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी की इस सख्त कार्रवाई के बाद पूरे जिले में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार, राशन वितरण में गड़बड़ी और सरकारी खाद्यान्न के दुरुपयोग की शिकायतें लगातार प्रशासन को प्राप्त हो रही थीं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने जांच के आदेश दिए थे। जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिनमें लाभार्थियों को निर्धारित मात्रा में राशन न देना, रिकॉर्ड में हेराफेरी करना तथा सरकारी खाद्यान्न के दुरुपयोग जैसे आरोप शामिल थे।
जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद जिलाधिकारी ने तत्काल प्रभाव से संबंधित दो कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करते हुए उनकी सेवाएं समाप्त कर दीं। वहीं, संबंधित राशन विक्रेता का लाइसेंस और कोटा भी निरस्त कर दिया गया है। प्रशासन ने मामले को गंभीर आर्थिक अनियमितता मानते हुए संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश भी जारी किए हैं।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा है कि गरीबों और पात्र लाभार्थियों के हक पर डाका डालने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या भ्रष्टाचार को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
इस कार्रवाई के बाद जिले के अन्य राशन विक्रेताओं और संबंधित विभागीय कर्मचारियों में भी खलबली मच गई है। प्रशासन अब अन्य उचित दर दुकानों और वितरण केंद्रों की भी जांच कराने की तैयारी में है। अधिकारियों का कहना है कि यदि कहीं भी अनियमितता पाई गई तो दोषियों के खिलाफ इसी तरह की कठोर कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी की इस कार्रवाई का स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि लंबे समय से राशन वितरण में गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आ रही थीं, लेकिन इस तरह की सख्त कार्रवाई से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। गरीब और जरूरतमंद परिवारों को उनका पूरा हक दिलाने के लिए प्रशासन का यह कदम सराहनीय माना जा रहा है।
फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और प्रशासन द्वारा अन्य संबंधित पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। जिलाधिकारी की इस बड़ी कार्रवाई ने स्पष्ट संदेश दे दिया है कि सीतापुर में भ्रष्टाचार और सरकारी योजनाओं में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ प्रशासन अब पूरी तरह सख्त रुख अपनाए हुए है।